नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।
यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
Based on Removing Black Magic, using this type of sadhana, the seeker can safeguard himself and his family members from evil eyes, tantric obstacles, misfortune, and enemy defects. The sadhana of those nine times purifies the soul, cuts off old sins and karmic bonds, and sales opportunities the person to new auspicious alternatives in life.
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं get more info एक्सपर्ट से.
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।